Narsingh is Back – 74kg के लिए नरसिंह का प्लान बन चुका है, जिम में पसीना बहाते हुए दिखे: देखें वीडियो

By   - 07/08/2020

नरसिंह यादव का बैन ऑफिशियली खत्म हो चुका है और वो अब रेसलिंग के आने वाले सभी कम्पीटीशन्स के लिए खुद को अवेलेबल रखेंगे। नरसिंह ने हाल ही में रेसलिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया से भी बात की है। नरसिंह 74 किलो में अपनी दावेदारी पेश करेंगे। जिसमे पहले से कई दिग्गज पहलवान शामिल है। वर्ल्ड मेडलिस्ट का फोकस अभी ओलंपिक से पहले अपनी कोर स्ट्रेंथ और कमियों को ठीक करना है जिसके लिए वो अपनी कोच जगमाल की मदद ले रहे है जो करीब 15 साल से उनके साथ है। “मेरा फोकस अभी फिट रहना है और अपने आप को तैयार करना है ” नरसिंह ने कहा।

नरसिंह चार साल से कोई भी कम्पटीशन नहीं खेले है और उनके लिए कमबैक करना काफी चुनौतीपूर्ण रहेगा। 74 किलो ग्राम भर वर्ग ऐसा ग्रुप है जिसमे एक से बढ़कर एक भारतीय पहलवान है इसलिए इस ग्रुप को “ग्रुप ऑफ़ डेथ’ भी कहा जाता है। लेकिन उनके कोच उनको बताते है की वो इस बारे में ज्यादा ना सोचे बस अपनी तैयारियों पर ध्यान दे। “कोच ने हमेशा मेरा समर्थन किया। अब भी, वे मुझे बताते हैं कि परिणाम की चिंता न करें और सिर्फ अपना काम करें और जो की मेरी ट्रेनिंग और कुश्ती है” नरसिंह ने कहा।

“हां, यह सच है कि मैंने किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया है, लेकिन मैं हर दिन ट्रेनिंग कर रहा हूं। मुझे लगता है कि मैं तैयार हूं, ”2010 राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता नरसिंह ने कहा।

अभी इस भर वर्ग में जितेन्द्र भारत के शीर्ष विकल्प हैं, साथ ही डबल ओलंपिक मेडलिस्ट सुशील कुमार, वर्ल्ड मेडलिस्ट नरसिंह यादव, एशियाई चैंपियनशिप मेडलिस्ट परवीन राणा और अमित धनकर साथ ही यंग पहलवान गौरव बालियान, सभी मौके को भुनाने के लिए तैयार है। सभी अपने विरोधी पहलवानो के ख़िलाफ़ तैयारी कर रहे है और सबका टारगेट 74kg के इस पूल में जीत दर्ज कर ओलंपिक क्वॉलिफिएर्स में खेलना है।

“74 किलो ग्राम भार वर्ग भारतीय ओलंपिक वेट में सबसे चुनौतीपूर्ण पूल है सब पहलवान बढ़िया है और अपना दिन होने पर कोई भी बाज़ी मार सकता है और यह नेशनल ट्रायल्स में पता चलेगा” अमित ने रेसलिंगटीवी को बताया।

परवीन राणा का मानना है कि “74 किलोग्राम भारवर्ग में दो बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील, 2020 के एशियाई चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता जितेन्द्र और 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन नरसिंह की जोड़ी के साथ एक बहुत ही प्रतियोगी भार वर्ग है। कोई भी जीत सकता है” । राणा ने कहा कि “वो भी तैयार हैं और समय आने पर अपना 100% देंगे”।

नरसिंह ने अपनी ओलंपिक की तैयारी शुरू कर दी है। और इस बार 31-वर्षीय टोक्यो ओलंपिक में सिर्फ हिस्सा नहीं बनना चाहते बल्कि उनका लक्ष्य पदक जीतना है। “मैंने अपना लक्ष्य निर्धारित कर लिया है। मेरा लक्ष्य केवल चयनित होना नहीं है, बल्कि भारत के लिए ओलंपिक पदक जीतना है।”

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