नेशनल ट्रायल्स में सोनम के पिता की कही गई वो बात जो साक्षी मलिक को पड़ गई भारी

By   - 11/08/2020

सोनम मलिक को नेशनल ट्रायल्स में ओलंपिक मेडलिस्ट साक्षी मलिक की चुनौती से पार पाना था लेकिन सभी को यक़ीन था साक्षी इस मुकाबले को आसानी से जीत लेगी और हो भी वही रहा था, साक्षी सोनम से 10-6 से आगे चल रही थी लेकिन लास्ट मोमेंट पर वो हुआ जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। सबने देखा लास्ट के 3 सेकंड में कैसे सोनम ने 4 नंबर वाला दांव लगा कर यह मुक़ाबला जीत लिया। लेकिन ऐसा क्या हुआ था के सोनम ने हारे हुए मुकाबले को जीत में तब्दील कर लिया। उसकी वजह थी सोनम के पिता राजेन्द्र मलिक के वो शब्द जो उन्होंने 30 सेकंड के ब्रेक में सोनम से कहे थे।

“तने अपना सब कुछ दाव पार लगा दे आज, क्योंकि अब कुछ नहीं बचा है और हो सकता है जिंदगी बदल जाएं” यह बात राजेन्द्र मलिक ने अपनी बेटी सोनम मलिक को भारतीय महिला कुश्ती टीम के ट्रायल के दौरान 30 सेकंड के ब्रेक के दौरान बताई।

इन शब्दों ने दो बार के वर्ल्ड कैडेट चैंपियन के लिए मैजिक का काम किया, जिन्होंने 2016 रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक को मात दी। “मेरे पिता के उन शब्दों का मतलब मेरे लिए सब कुछ था। मुझे किसी भी चीज की परवाह नहीं थी और मेने बिना रुके साक्षी पर हमला किया”। सोनम ने कहा।

62 किग्रा के सेमी-फाइनल मुकाबले के पहले राउंड में पीछे रहने के बावजूद सोनम हमला करती रही। दूसरे राउंड में, सोनम ने तीन सेकंड पहले चार-पॉइंट वाला दांव लगाया। इसने मैच को 10-10 से बराबरी पर ला दिया, और सोनम को लास्ट पॉइंट करने पर इसके लिए जीत हासिल हुई।

“मैं दूसरे राउंड में 10-6 से पीछे थी और सोच रही थी क्या करूं, इस बात को लेकर मैं थोड़ा उलझन में थी, लेकिन मेरे पिता और बचपन के कोच अजमेर मलिक के शब्द मेरे लिए बहुत हिम्मत बंधवानेवाले थे। उसके बाद मैंने अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ किसी भी चीज की परवाह नहीं की, ”सोनम ने कहा। “यहाँ तक कि मुझे विश्वास नहीं था कि मैं यह कर सकती हूँ और मैच के बाद हर कोई मुझे आश्चर्य से देख रहा था।

उसके बाद सोनम का कॉन्फिडेंस बहुत बढ़ चुका था और फाइनल मुकाबले में उन्होंने राधिका को आसानी से हरा दिया। “मेरा आत्मविश्वास कई गुना बढ़ गया था और फाइनल में राधिका के खिलाफ मेरे उप्पर कोई दबाव नहीं था। मेने उसको 4-1 से हराया”।

साक्षी को हराने के बाद सोनम रोम सीरिज़ में उतरी। वहां वो चोटिल हो गई और उनकी कोहनी में चोट लगी, जिसके चलते वो पहले ही राउंड में बाहर हो गईं। इसके बाद दिल्ली में एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप हुई और सोनम के लिए यहां भी चीजें बेहतर नहीं रहीं, जबकि साक्षी ने यहां बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता।

साक्षी के इस प्रदर्शन के बाद दोबारा ट्रायल्स की बात उठी। सबने कहा कि अगर सोनम अच्छा नहीं कर पा रही तो क्यों ना साक्षी को एक मौका और दिया जाए। बात पक्की हुई, ट्रायल्स दोबारा किए गए। इन ट्रायल्स में एक बार फिर से सोनम ने ओलंपिक मेडलिस्ट साक्षी को मात दी और बता दिया उनमे कितना दम है।

लेकिन कोरोनावायरस के कारण एक साल आगे बढ़ने से रेसलिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया अपने पहलवानों को एक मौका और देना चाहती है। जिसके लिए एक बार फिर तीसरी बार ट्रायल्स होंगे, जिस वेट में देश को ओलंपिक कोटा प्राप्त नहीं हुआ है। अगर सोनम यहाँ भी साक्षी मालिक को हरा देगी तो वो जीत की हैट्रिक के साथ ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स खेलने जा सकती है।

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